समस्तीपुर/रोसड़ा। समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल में गुरुवार की सुबह उस समय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर छापेमारी की। निगरानी विभाग की टीम सुबह करीब 9 बजे दो वाहनों से पुलिस बल के साथ सरकारी आवास पर पहुंची और परिसर को अपने घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी।टीम के पहुंचते ही आवास के अंदर दस्तावेजों और अन्य सामानों की जांच शुरू कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान DCLR कंचन कुमारी झा सरकारी आवास के अंदर ही मौजूद थीं। निगरानी टीम की कार्रवाई काफी गोपनीय तरीके से चल रही है और फिलहाल विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी किस विशेष शिकायत या मामले के आधार पर की जा रही है।
भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की चर्चा तेज।
DCLR का पद भूमि एवं राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों से जुड़ा होता है। ऐसे में सरकारी अधिकारी के आवास पर निगरानी विभाग की अचानक छापेमारी की खबर सामने आने के बाद इलाके में भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, छापेमारी का कारण भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति या किसी अन्य मामले से जुड़ा है—इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और निगरानी विभाग की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी कंचन कुमारी झा को वर्तमान में रोसड़ा की भूमि सुधार उपसमाहर्ता के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही रोसड़ा अनुमंडल से लेकर समस्तीपुर के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सरकारी अधिकारी के आवास पर निगरानी कार्रवाई को गंभीर माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोग कार्रवाई के पीछे की वजह और जांच में सामने आने वाले तथ्यों को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।
फिलहाल निगरानी विभाग की टीम आवास पर जांच में जुटी है। जांच के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली, क्या कोई बरामदगी हुई और कार्रवाई किस मामले में की जा रही है—इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।