समस्तीपुर। खानपुर प्रखंड स्थित ई-किसान भवन परिसर में बुधवार को कृषि विभाग द्वारा कृषि समन्वयकों के विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों की मौजूदगी रही, लेकिन इस आयोजन से कृषि सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को दूर रखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार कृषि सलाहकार समिति के अध्यक्ष सह हसनपुर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार चौधरी तथा समिति के अन्य सदस्यों को कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई। इस संबंध में जब समिति के सदस्य एवं पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने कृषि सलाहकार समिति के अध्यक्ष से संपर्क कर जानकारी ली, तब उन्होंने बताया कि उन्हें कार्यक्रम के आयोजन की कोई सूचना नहीं मिली और न ही किसी प्रकार का निमंत्रण दिया गया।गौरतलब है कि कृषि सलाहकार समिति का गठन बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा किया जाता है। समिति का उद्देश्य किसानों और कृषि विभाग के बीच समन्वय स्थापित करना तथा कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। ऐसे में समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों की उपेक्षा किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं।समिति के सदस्य एवं पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसी भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कृषि सलाहकार समिति की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की मंशा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कृषि क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समिति का गठन किया है, तब विभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें सूचना तक नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ कर्मी जनप्रतिनिधियों की भूमिका को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो समिति के सदस्य इस मामले को जिला कृषि पदाधिकारी, जिला प्रशासन तथा राज्य स्तर तक उठाने को बाध्य होंगे।वहीं क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता लोकतंत्र की मूल भावना है। यदि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाता है तो इससे विभाग और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय प्रभावित होगा, जिसका असर किसानों तक पहुंचने वाली योजनाओं पर भी पड़ सकता है।हालांकि इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि भविष्य में आयोजित होने वाले विभागीय कार्यक्रमों में कृषि सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए, ताकि सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
