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लोकेशन, समस्तीपुर।
धर्म विजय प्रसाद गुप्ता।
समस्तीपुर/खानपुर अंतर्गत शादीपुर पंचायत के मधुबन गांव में मधुबन करुआ दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति लिमिटेड की ओर से वर्ष 2021 से 2025 की अवधि के लिए 13वें बोनस वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संजय कुमार यादव के दरवाजे पर आयोजित हुआ। इस दौरान कुल 248 पशुपालकों के बीच 6 लाख 85 हजार 246 रुपये की नकद राशि तथा 200 बाल्टियों का वितरण किया गया। बोनस मिलने से पशुपालकों में उत्साह देखा गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मिथिला दुग्ध उत्पादक संघ, समस्तीपुर के अध्यक्ष उमेश राय, निदेशक मंडल के सदस्य राम विनोद पंडित, पथ प्रभारी सुरेश प्रसाद महतो, ग्रामीण विपणन प्रभारी सुनील कुमार एवं पर्यवेक्षक जितेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों को मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, माला एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बैद्यनाथ यादव ने की, जबकि संचालन सुनील कुमार राय ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुणेश्वर यादव ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपना दूध इधर-उधर बेचने के बजाय दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति को दें। उन्होंने कहा कि समिति के माध्यम से दूध की बिक्री करने पर बेहतर आर्थिक लाभ के साथ पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल एवं बोनस जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलता है।

वहीं, पशु स्वास्थ्य से संबंधित चर्चा के दौरान पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके लक्षणों और आवश्यक दवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पशुपालन के आर्थिक लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।

निदेशक मंडल के सदस्य राम विनोद पंडित ने कहा कि आज कई निजी डेयरियां खुल रही हैं, लेकिन पशुपालकों को ऐसी संस्थाओं से जुड़ने से पहले मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिथिला दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के माध्यम से पशुपालकों को अच्छी नस्ल की गाय उपलब्ध कराने के साथ पशु बीमा जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।

मिथिला दुग्ध उत्पादक संघ, समस्तीपुर के अध्यक्ष उमेश राय ने कहा कि पशुपालकों को अच्छी नस्ल के पशु उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पशु खरीद के लिए सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक की सहायता की व्यवस्था है, जिस पर ब्याज नहीं लगता है। उन्होंने सरकार से सुधा पशु आहार की फैक्ट्री स्थापित करने की मांग की, ताकि पशुपालकों को न्यूनतम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पशु आहार मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि रोसड़ा में मिथिला दुग्ध उत्पादक सहयोग से पशु जांच प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है, जहां पशुओं की जांच कम खर्च में हो सकेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बैद्यनाथ यादव ने कहा कि समिति से जुड़े दुग्ध उत्पादों की पहुंच अब व्यापक बाजार तक है। उन्होंने बताया कि डेयरी का दूध कनाडा भेजा जा रहा है, जबकि पटना के प्रसिद्ध मंदिर में लड्डू बनाने के लिए घी की आपूर्ति की जा रही है। इससे दुग्ध उत्पादकों के लिए बाजार की संभावनाओं का पता चलता है।

कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की बेहतर देखभाल करने तथा सहकारी समिति से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर किसान जागेश्वर राय, उपेंद्र राय, योगेंद्र राय, सुमन कुमार राय, लक्ष्मण राय, राम प्रवेश राय, मनीष कुमार, रामेश्वर पंडित, चंद्रशेखर पासवान, विनोद ठाकुर, राम वरण सहनी, शकुंतला देवी, सुकुमारी देवी सहित सैकड़ों पशुपालक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
