समस्तीपुर/खानपुर।
समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड अंतर्गत श्रीपुर गाहर पूर्वी पंचायत की मुखिया सुनीता सहनी से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केस संख्या 180/24, ABP नंबर 2236/26, MP/MLA-cum-ADJ-3 में दिनांक 25 अगस्त 2026 को जमानत आवेदन खारिज हो गया है। इसके बाद मुखिया की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।बताया जा रहा है कि पंचायत में भ्रष्टाचार एवं सरकारी राशि के कथित गबन से जुड़े मामले में न्यायालय द्वारा मुखिया सुनीता सहनी को पद से मुक्त किए जाने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद अब पंचायत के प्रशासनिक एवं विकास कार्यों की जिम्मेदारी किसके हाथों में होगी, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में श्रीपुर गाहर पूर्वी पंचायत का दायित्व उप मुखिया को सौंपे जाने की संभावना है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम प्रशासनिक आदेश अथवा आधिकारिक अधिसूचना सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।मुखिया पुत्र पर भी सरकारी संपत्ति चोरी का मामला वहीं, इस पूरे प्रकरण में मुखिया सुनीता सहनी के पुत्र मोनू कुमार का नाम भी एक अलग मामले में सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पंचायत सरकार भवन से सरकारी संपत्ति चोरी किए जाने के आरोप को लेकर पंचायत सचिव द्वारा खानपुर थाना में आवेदन दिया गया था।बताया जा रहा है कि पंचायत सचिव के आवेदन के आधार पर इस मामले में खानपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, मामले में अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना सामने नहीं आई है।पंचायत में कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मुखिया के खिलाफ न्यायालय से संबंधित कार्रवाई और उनके पुत्र के खिलाफ सरकारी संपत्ति चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पंचायत की राजनीतिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।स्थानीय स्तर पर लोगों की नजर अब इस बात पर है कि पंचायत का दायित्व औपचारिक रूप से किसे सौंपा जाता है और लंबित विकास कार्यों तथा पंचायत से जुड़े प्रशासनिक कार्यों का संचालन किस प्रकार किया जाएगा।हालांकि, भ्रष्टाचार, सरकारी राशि के गबन और सरकारी संपत्ति की चोरी से संबंधित आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।
