लोकेशन, समस्तीपुर
धर्म विजय प्रसाद गुप्ता की रिपोर्ट।
मोहनपुर/समस्तीपुर
समस्तीपुर/जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, आवागमन एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ पशुओं के लिए भी चारा, आश्रय एवं चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है।
जिले में बाढ़ से कुल 2,33,212 की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा लगातार राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वर्तमान में 121 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। इन कम्युनिटी किचन के माध्यम से अब तक कुल 4,22,591 मील परोसे जा चुके हैं। कम्युनिटी किचन में भोजन की गुणवत्ता एवं नियमित संचालन की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 36,800 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 22 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
पशुओं की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 17 पशु राहत कैंप/शेड संचालित किए जा रहे हैं। पशुपालकों एवं उनके पशुओं के लिए अब तक 1,044 क्विंटल पशु चारा/भूसा उपलब्ध कराया जा चुका है तथा इसका वितरण लगातार जारी है।
पशुओं के उपचार के लिए 17 पशु चिकित्सा कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 2,531 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा एवं चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा राहत एवं बचाव कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए 227 नावों का परिचालन तीनों प्रभावित प्रखंडों में किया जा रहा है। नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों के आवागमन के साथ-साथ राहत सामग्री को भी जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति की लगातार समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है। संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण करने तथा आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचे तथा प्रभावित लोगों एवं पशुओं को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित आवागमन, आश्रय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी न रहे।
