लोकेशन, समस्तीपुर
धर्म विजय प्रसाद गुप्ता की रिपोर्ट।
समस्तीपुर। स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर के निर्माण के लिए ठोस कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को विधि महाविद्यालय, समस्तीपुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न नगर परिषदों एवं नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों, कार्यपालक पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।कार्यशाला का उद्घाटन महापौर अनीता राम, उप महापौर रामबालक पासवान, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, नगर आयुक्त गौतम कुमार एवं उप नगर आयुक्त विभूति कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि ठोस कचरे का उचित प्रबंधन केवल नगर निकायों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि घर से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने तथा उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक है। प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब इसमें प्राप्त जानकारी को धरातल पर लागू किया जाए।

महापौर अनीता राम ने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर शहर के लिए नियमित कचरा उठाव के साथ-साथ नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।नगर आयुक्त गौतम कुमार ने स्वागत संबोधन में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी को व्यवहार में उतारना ही कार्यशाला की वास्तविक सफलता होगी।

स्रोत पर कचरा अलग करने पर विशेष जोर
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. संजय गुप्ता ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कचरे को स्रोत पर अलग करने, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग तथा सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने कचरा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि कचरे का पृथक्करण यदि घर और प्रतिष्ठान के स्तर से ही किया जाए, तो उसके प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

वार्ड स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उप महापौर रामबालक पासवान ने कहा कि वार्ड स्तर पर लोगों को जागरूक कर कचरे के उचित निस्तारण के लिए प्रेरित करने से स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया। प्रशिक्षण के उपरांत नगर आयुक्त गौतम कुमार ने कार्यशाला में शामिल जनप्रतिनिधियों, कार्यपालक पदाधिकारियों एवं स्वच्छता पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर जिले के विभिन्न नगर परिषदों एवं नगर निकायों के सभापति, उपसभापति, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को नगर निकायों की दैनिक स्वच्छता व्यवस्था में लागू करने पर जोर दिया, ताकि कचरे के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से स्वच्छ और व्यवस्थित शहर की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सके।
