अरवल/पुनपुन नदी में पंतीत वियर के पास बराज निर्माण की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरने में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल होकर सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
किसान संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि पुनपुन नदी में बराज नहीं होने के कारण क्षेत्र के हजारों एकड़ कृषि भूमि को पर्याप्त सिंचाई का पानी नहीं मिल पाता है। इससे किसानों की फसल का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और उन्हें हर वर्ष लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि बराज का निर्माण होने से नदी के पानी को रोककर बड़े क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पंतीत के पास बराज निर्माण की मांग किसानों की वर्षों पुरानी है। पूर्व में किसानों की मांग के बावजूद बराज के स्थान पर वियर का निर्माण कराया गया। समिति का आरोप है कि वियर निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका और सिंचाई की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने कहा कि बरसात के मौसम में पुनपुन नदी में लाखों क्यूसेक पानी बहकर गंगा नदी में चला जाता है, जबकि दूसरी ओर किसान सिंचाई के लिए परेशान रहते हैं। ऐसे में सरकार को पंतीत वियर को बराज में परिवर्तित करने की दिशा में पहल करनी चाहिए, ताकि नदी के पानी को रोककर अरवल, जहानाबाद और पटना जिले के बड़े भू-भाग को सिंचाई की सुविधा मिल सके।