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लोकेशन,खानपुर समस्तीपुर।
धर्म विजय प्रसाद गुप्ता की रिपोर्ट।
समस्तीपुर। जिले के खानपुर प्रखंड स्थित खानपुर थाना इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति को लेकर चर्चा में है। थाना भवन की हालत ऐसी हो गई है कि यहां तैनात पुलिस पदाधिकारी और कर्मी डर के साये में काम करने को मजबूर हैं। भवन की छत और दीवारों से लगातार सीमेंट का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है बताया जा रहा है कि थाना भवन लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। कई स्थानों पर छत और दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है। कमजोर हो चुके हिस्सों से आए दिन सीमेंट के टुकड़े टूटकर गिरते रहते हैं। ऐसे में थाना परिसर में काम करने वाले पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों के साथ-साथ अपनी शिकायत लेकर थाना पहुंचने वाले आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा,
थाना भवन में पुलिसकर्मियों को दिन-रात अपनी ड्यूटी करनी पड़ती है। पुलिस पदाधिकारी और कर्मी कार्यालय के साथ-साथ भवन के अलग-अलग हिस्सों में बैठकर सरकारी कार्यों का निष्पादन करते हैं। लेकिन जर्जर छत और दीवारों से प्लास्टर गिरने की स्थिति ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि किसी समय छत या दीवार का कोई बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी अथवा आम लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। लगातार प्लास्टर गिरने की घटनाओं के बीच किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले ही असुरक्षित
विडंबना यह है कि जिन पुलिसकर्मियों के कंधों पर क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही पुलिसकर्मी अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं हैं। थाना परिसर में पुलिसकर्मियों को हर समय सतर्क रहना पड़ रहा है। जर्जर भवन के कारण कार्यालय में काम करने के दौरान भी उन्हें इस बात का डर बना रहता है कि कहीं ऊपर से प्लास्टर या मलबा न गिर जाए।थाना में प्रतिदिन विभिन्न मामलों को लेकर फरियादी भी पहुंचते हैं। ऐसे में भवन की जर्जर स्थिति केवल पुलिसकर्मियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरे का कारण बन सकती है।

मरम्मत या नए भवन की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। पुलिस विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारियों को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भवन का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए। यदि भवन मरम्मत योग्य है तो तत्काल मरम्मत कराई जाए और यदि भवन पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है तो नए थाना भवन के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते खानपुर थाना भवन की स्थिति का जायजा लिया जाए और पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अब सवाल यह है कि आखिर कब तक जर्जर भवन के नीचे बैठकर खानपुर थाना के पुलिस पदाधिकारी और कर्मी अपनी ड्यूटी करते रहेंगे? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा, या उससे पहले ही इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा?
