ब्यूरो रिपोर्ट,धर्म विजय प्रसाद गुप्ता।
समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज कर्मियों ने पिछले चार माह से मानदेय भुगतान नहीं होने पर गहरा आक्रोश जताया है। बिहार संविदा कर्मी शिक्षा सेवक/तालिमी मरकज संघ, समस्तीपुर के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अप्रैल, मई, जून और जुलाई 2026 का मानदेय अब तक नहीं मिला है, जिससे कर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
संघ का आरोप है कि एक ओर बिहार सरकार शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षकों को समय पर वेतन दे रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज जैसे संविदा कर्मियों का मानदेय आवंटन जन शिक्षा निदेशालय, पटना एवं संबंधित विभागों द्वारा लंबित रखा गया है। संघ का दावा है कि यह समस्या केवल समस्तीपुर तक सीमित नहीं, बल्कि बिहार के सभी 38 जिलों के शिक्षा सेवक इससे प्रभावित हैं।

संघ ने कहा कि लगातार चार माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मियों के परिवारों के समक्ष आर्थिक कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार का खर्च और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
शिक्षा सेवक संघ ने सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो समस्तीपुर जिला मुख्यालय स्थित पुराना बस अड्डा परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जन शिक्षा निदेशालय, पटना एवं बिहार सरकार की होगी।

संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने मीडिया से अपील की है कि शिक्षा सेवकों की समस्याओं को सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर शीघ्र मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने में सहयोग करें।
