लोकेशन, खानपुर समस्तीपुर।
धर्म विजय गुप्ता की रिपोर्ट।
समस्तीपुर/खानपुर। प्रखंड क्षेत्र के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिरोपट्टी में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान विद्यालय में बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, विद्यालय के सर्वांगीण विकास तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रकार की पेंटिंग प्रस्तुत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक आमोद कुमार ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि उनके अंदर छिपी विभिन्न प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने विद्यालय के सर्वांगीण विकास, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, स्वच्छ एवं सुंदर विद्यालय परिसर बनाने तथा मिथिला पेंटिंग सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में विद्यालय के साथ-साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

वहीं, समाजसेवी सह पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने विद्यालय की सुंदरता एवं शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग का अवलोकन करते हुए उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की। विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनके व्यक्तित्व विकास में काफी सहायक होगा।

संगोष्ठी के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों से बनाई गई विभिन्न पेंटिंग एवं कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। बच्चों की कलात्मक प्रतिभा देखकर अभिभावकों एवं अतिथियों ने उनकी जमकर सराहना की। मिथिला कला की झलक लिए पेंटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक सविता कुमारी, संजय कुमार चौधरी, रानी मीरा सिंह, नीतेश्वर प्रसाद सिंह, दिनेभ कुमार चौधरी, अनीमा खानून, नजमा खानून एवं प्रिया कुमारी सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

संगोष्ठी के माध्यम से विद्यालय परिवार ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई एवं नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ कला, संस्कृति और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा को निखारने पर भी जोर दिया गया।
