लोकेशन,वारिसनगर समस्तीपुर।
बहती गंगा,बिहार हेड।
समस्तीपुर।वारिसनगर/ एक पिता, चार संतान और करीब 28 साल से चली आ रही इंतजार की कहानी। यह कहानी नहीं बल्कि हकीकत है ग्राम पंचायत छत्नेश्वर के परोरिया गांव निवासी राम विनेश राम के परिवार की, जहां उनके पहली पत्नी से जन्मे पुत्र-पुत्रियां आज भी अपने पिता के वापस लौटने की राह देख रहे हैं। वहीं करीब 100 वर्ष के वृद्ध पिता भी अपने बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

परिजनों के अनुसार, राम विनेश राम की पहली शादी वर्ष 1980 के आसपास कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर टांडा गांव निवासी महेंद्र राम की पुत्री प्रमिला देवी से हुई थी। इस शादी से तीन पुत्र और एक पुत्री का जन्म हुआ। परिवार के मुताबिक, उस समय राम विनेश राम राशन डीलर का काम करते थे।

परिजनों का कहना है कि वर्ष 1998 में उनके यहां राशन लेने आने वाली एक शादीशुदा महिला शांति गुप्ता से उनका संपर्क हुआ। इसके बाद राम विनेश राम कथित तौर पर शांति देवी को अपने साथ लेकर दिल्ली चले गए। शांति देवी के ससुराल पक्ष की ओर से उस समय उनके पहले पति की हत्या से संबंधित मामला दर्ज कराए जाने की बात भी परिवार की ओर से कही गई है। इस मामले की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के लिए नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि दिल्ली जाने के बाद राम विनेश राम वहीं रहने लगे। शांति देवी अपने पहले पति से जन्मे दो बच्चों को भी अपने साथ लेकर दिल्ली चली गईं। इधर, राम विनेश राम की पहली पत्नी से जन्मे बच्चे गांव में ही रह गए।

पिता की एक झलक के लिए 28 साल से इंतजार
राम विनेश राम के पुत्र संतोष राम का कहना है कि उनके पिता को दिल्ली गए करीब 28 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इतने लंबे समय में उन्होंने परिवार से मिलने के लिए गांव का रुख नहीं किया।संतोष के मुताबिक, परिवार की ओर से कई बार फोन के माध्यम से पिता से संपर्क करने का प्रयास किया गया। उनका आरोप है कि फोन करने पर पिता कथित रूप से गाली-गलौज करते हैं और उन्हें पहचानने से इनकार कर देते हैं।

पुत्र
संतोष राम ने बताया कि वह और उनके भाई-बहन आज भी अपने पिता को अपने साथ रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि परिवार की ओर से पिता के प्रति किसी तरह की नाराजगी नहीं है, बल्कि सभी की इच्छा है कि इतने वर्षों के बाद परिवार फिर से एक साथ रह सके।

बृद्ध पिता
गांव में वृद्ध पिता भी कर रहे बेटे का इंतजार
परिवार की कहानी का सबसे भावुक पहलू यह है कि राम विनेश राम के वृद्ध पिता भुट्टा राम की उम्र करीब 100 वर्ष बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, वह भी अपने बेटे की वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।राम विनेश राम के पहली पत्नी से जन्मे पुत्र संजीव राम, संतोष राम, दीपन राम और पुत्री संगीता देवी गांव में रह रहे हैं। परिजनों के अनुसार, पिता के दिल्ली चले जाने के बाद परिवार ने तमाम परिस्थितियों के बीच अपना जीवन आगे बढ़ाया, लेकिन पिता की कमी हमेशा महसूस होती रही।

बेटी
बेटे बेटी की अपील—’पिता घर लौट आएं’
संतोष राम ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह और उनके भाई-बहन अपने पिता को आज भी अपना पिता मानते हैं और चाहते हैं कि वह वापस घर आएं। उन्होंने कहा कि परिवार उनके साथ किसी पुराने विवाद को लेकर नहीं, बल्कि उन्हें अपने बीच रखने की इच्छा रखता है।संतोष का दावा है कि उनके पिता वर्तमान में दिल्ली में राम विनेश राम के बजाय कथित रूप से रामचंद्र राय नाम से रह रहे हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

संतोष राम ने अपने पिता से अपील की है कि वे जहां भी हों, सकुशल अपने गांव लौट आएं और अपने वृद्ध पिता तथा पहली पत्नी से जन्मे पुत्र-पुत्रियों के साथ शेष जीवन बिताएं।

परिवार की यह कहानी सिर्फ एक बिछड़े पिता और बच्चों की नहीं, बल्कि उस इंतजार की भी है जो करीब तीन दशक बाद भी खत्म नहीं हुआ है। अब परिवार को उम्मीद है कि उनके पिता तक यह पुकार पहुंचेगी और शायद वर्षों से बंद पड़ा घर का दरवाजा एक बार फिर पिता के कदमों से खुलेगा।
